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Bihar: 48 लाख बच्चे योजनाओं के लाभ से हो सकते हैं वंचित

Bihar: 48 लाख बच्चे योजनाओं के लाभ से हो सकते हैं वंचित
पटना, राज्य के सरकारी व सरकार संपोषित स्कूलों की पहली से 12वीं कक्षा के 48 लाख बच्चे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं। ये वैसे बच्चे हैं, जो स्कूलों में नामांकित तो हैं लेकिन मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर इनकी डाटा इंट्री विद्यालयों ने नहीं की है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त आदेश दिया है कि चार दिनों के अंदर इन बच्चों की मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर डाटा इंट्री कर रिपोर्ट भेजें।

विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (योजना एवं लेखा) को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि समीक्षा के क्रम में जानकारी मिली है कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद से प्राप्त यू-डाइस पर सत्र 2021-22 में सभी सरकारी और अनुदानित विद्यालयों के पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या दो करोड़ 26 लाख, 45 हजार 130 है। मगर 2022-23 के लिए दो नवंबर तक मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर मात्र एक करोड़ 88 लाख, 86 हजार की ही इंट्री हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस परिस्थिति में लगभग 48 लाख बच्चे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। इसलिए आठ नवंबर तक सभी नामांकित एवं पंजीकृत बच्चों की डाटा इंट्री कराते हुए विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

75 प्रतिशत उपस्थिति की भी रिपोर्ट हुई तलब

30 अगस्त को ही विभाग ने जिलों से कहा था कि सभी बच्चों की डाटा इंट्री 5 अक्टूबर तक पूर्ण करने के बाद 75 प्रतिशत उपस्थिति के अनुसार ‘यस’ या ‘नो’ के रूप में चिह्नित करने के बाद 15 अक्टूबर, 2022 तक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) अंतिम रूप से अनुमोदित करें। माध्यमिक निदेशक ने जिलों से कहा है कि विद्यालयों में 75 प्रतिशत उपस्थिति वालों की संख्या से संबंधित रिपोर्ट भी भेजें। इसका प्रमाणपत्र भी भेजना है कि सभी नामांकित बच्चों की डाटा इंट्री कर दी गई है। प्रमाणपत्र पर डीईओ और डीपीओ का हस्ताक्षर अनिवार्य है।

डीईओ होंगे जवाबदेह

शिक्षा विभाग के डीबीटी कोषांग ने पहले ही साफ कर दिया है कि किसी जिले में कोई बच्चा मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर डाटा इंट्री नहीं होने से योजनाओं के लाभ से वंचित रहता है तो इसकी सारी जवाबदेही संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी। अगले चार दिन में यदि किसी जिले का डाटा अपडेट नहीं होता है तो समझा जाएगा कि उस जिले में कोई भी बच्चा कल्याणकारी योजनाओं के लिए वंचित नहीं है।

इसी माह होना है भुगतान

पहली से 12 वीं तक के विद्यार्थियों को योजनाओं की राशि का भुगतान इसी माह होना है। शिक्षा विभाग के डीबीटी कोषांग इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। समारोहपूर्वक 75 हाजिरी की अनिवार्यता पूरी करने वाले लाखों बच्चों के खाते में करीब 5000 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। पिछले दो सत्रों में कोरोना के चलते स्कूलबंदी को देखते हुए 75 हाजिरी की अनिवार्यता में छूट दी गई थी।

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